Mahakavi Kalidas Biography, life story, poem, theory and play

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Mahakavi Kalidas Biography, life story, poem, theory and play (कवि कालिदास की रोचक कहानी , उनकी द्वारा रचित काव्य, नाटक और कविताए)

kavi kalidas

महाकवि कालिदास (kalidas) भारत के प्राचीन महान संस्कृत विद्वान थे उन्हें संस्कृत साहित्य का महान कवि माना जाता है .कवि कालिदास प्राचीन भारत का सबसे बड़ा नाटककार और काव्य रचियता माना जाता है. उन्हें संस्कृत साहित्य के आलावा रामायण, वेद,उपनिषद,व्याकरण और गणित का भी विद्वान मानते है इसीलिए उन्हें संस्कृत साहित्य का अद्वतीय कवि माना जाता है.

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kalidas Biography (कालिदास का जीवन परिचय)

  • कवि कालिदास के जीवन से संबधित जानकारी बहुत कम मिलति है जेसा की अभी तक यह निश्चित नही हो पाया है की कालिदास का जन्म कहा पर हुआ था इसके अभी तक कोई पुख्ता प्रमाण नही मिलते है जिससे की हम आपको बता सके की कलिदास का जन्म कहा हुआ और कब हुआ पर आपको एक अनुमानित किया बता सकते है जेसा की विद्वानों द्वारा सुना है.
  • अनेक विद्वान् यह मानते है की कालिदास का जन्म प्रथम शताव्दी में हुआ था और कश्मीर क्षेत्र में हुआ है.
  • बहुत विद्वान यह मानते है की कालिदास का जन्म चतुर्थ शताब्दी में गुप्तवंशी सम्राट चन्द्रगुप्त के रत्नों में से उन्हें एक रत्न माना गया है.
  • अनेक विद्वान उन्हें दंसवी शताब्दी में धारानगरी के राजा भोज के मित्र बताते है इससे आज तक यह साफ नही हो पाया है की कालिदास कब और कहा पैदा हुए थे.
  • कालिदास की कहानी से पता चलता है की वह अपने शुरूआती जीवन में एक चरवाहा, लकडहारा थे. और वो इतने बड़े मुर्ख थे की जिस डाल पर बैठे थे उसे की काट रहे थे.

kalidas life story (कालिदास के जीवन की रोचक कहानी कि कालिदास विद्वान केसे बने.)

  • कालिदास के जीवन से जो कहानी हम आज आपको सुनाने जा रहे वह कहानी बहुत ही रोचक है जिससे आज हम आपको बताने जा रहे है.
  • पुराणी लोकगाथाओ से पता चलता है की एक विद्वान राजकुमारी अपने राज्य में पुरुषो का बुद्धि परिक्षण करके अपने लिए एक विद्वान वर चुनना चाहती थी लेकिन उन्हें अपने राज्य में अपने योग्य बुद्धिमान पुरुष नही मिलता है.
  • इस परीक्षण से अपमानित होकर उस राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र से राजकुमारी की शादी करने के लिए कहते है पर राजकुमारी उनके प्रस्ताव को ठुकरा देती है.
  • मुख्यमंत्री अब अपने अपमान का बदला लेने के लिए एक साजिश रचता है और वेह अपने प्रदेश में से सबसे मुर्ख व्यक्ति को खोजकर उसे राजकुमारी की शादी करना चाहता है.
  • एक दिन जब मुख्यमंत्री जंगल की तरफ घुमने आते है तो उन्हें दिखाई देता है की एक लकडहारा लकड़ी काट रहा था लेकिन उन्हें दिखा की वह लकडहारा जिस डाल पर खड़ा था उसी को काट रहा था इतना देखने के बाद मुख्यमंत्रि ने सोचा की इससे बड़ा मुर्ख कही और नही मिलेगा.
  • मुख्यमंत्रि अब लकड़हारा को अपनी सभा में प्रस्तुत करते है और राजकुमारी को कहते है की यह महान विद्वान है आप इनका परिक्षण ले सकते है.
  • वो लकड़हारा कोई और नही खुद कवि कालिदास ही थे.
  • परिक्षण लेने से पहले उन्होंने कहा था की यह एक मोन साहित्यक विद्वान है जो की बोलते नही सिर्फ इशारो से आपको उत्तर देंगे.
  • अब राजकुमारी परीक्षण शुरू करती है और कालिदास की तरफ एक ऊँगली करती है और कहती है की इश्वर एक है लेकिन कालिदास समझते की ऊँगली में ये आँख फोड़ देगी तो जबाब में कालिदास उन्हें दो ऊँगली दिखा देते है की मेरी तुम्हारी दोनों आंखे फोड़ दूंगा.
  • इससे राजकुमारी समझी की उन्होंने कहा है की इश्वर एक है पर इसके साथ माया का वास तो उन्होंने दो बताया है.
  • फिर राजकुमारी ने अगले इशारे पांच ऊँगली दिखाई और की पांच तत्व होते है तो कालिदास ने समझा यह थप्पड़ मारने की कह रही है तो कालिदास ने उन्हें घूंसा दिखा दिया.
  • इससे राजकुमारी की समझी कि तत्व पांच होते है पर वो एक दुसरे से मिलके ही बने है तो इसी प्रकार से कालिदास परीक्षण में पास हो जाते है और राजकुमारी उनसे शादी कर लेती है.
  • अब यह राजकुमारी जिनका नाम विद्धोत्मा था जो की कालिदास की पत्नी थी.
  • शादी करने के बाद घर जाने पर राजकुमारी को पता लगता है की कालिदास तो एक लकडहारा है और एक मुर्ख है.
  • राजकुमारी कोधित होकर कालिदास से कहती है में एक मुर्ख के साथ नही रह सकती आप मेरे से साथ न रहे इसी घटना से अपमानित होकर कालिदास निकल गये और उन्होंने कहा था की में अब जभी आऊंगा जब एक बड़ा विद्वान बन जाऊंगा.
  • उसके बाद उन्होंने व्याकरण,वेद ,पुराण ,गणित की बहुत अधिक मेहनत करके ज्ञान प्राप्त किया और वो इस प्रकार से एकमहान साहित्यकार और कवि बने.

kalidas ki kavya kratiyan(कालिदास के काव्य)-

महाकवि कालिदास ने तीन बड़े काव्य की रचना की थी जिनके बारे आज हम आपको बता देते है –

  • कुमारसंभवं-इसमें देवी पार्वती के जन्म और किशोरावस्था की कहानी है इसके अलावा इसमें उनके शिव विवाह और पुत्र कार्तिकेय के गाथाओ का वर्णन है.
  • मेघदुतम-इसमें यक्ष की कहानी है जो बदलो के माध्यम से केसे प्रेम वर्णन करते है.
  • रघुवंशम-इसमें रघुवाशी राजाओ की कथाओ का वर्णन है.
  • ऋतुसंहार – इसमें कवि कालिदास ने मोसम की छ: ऋतुओ के बारे में बताया है.

कालिदास के नाटक-(kalidas ke natak)-kalidas play-

  • अभियान शाकुंतलम-ये कालिदास के द्वारा रचित अद्वितीय रचना है जिसकी चर्चा पुरे विश्व में सुनने को मिलती है. इसमें कालिदास ने महाभारत की एक कहानी के उल्लेख किया है जिसमे राजा दुष्यंत और रानी शकुंतला की की कहानी की पिरोया गया है की केसे वो दोनों जंगल में मिलते है और बिछड़ जाते है और फिर केसे मिलते है उसके बाद उनके पुत्र भरत का जन्म होता है जो की आगे चलके कोरव और पांड्वो के वंशज होते है.
kavi kalidas in abhiyanshakuntalam
  • मालविकाग्निमित्रं-इसमें कालिदास राजा अग्निमित्र और मालविका की कहानी को रचा है की दोनों केसे एक दुसरे के प्रेम में पड़ते है क्योकि मालविका एक दासी होती है.
  • विक्रमिवार्नियम-इसमें राजा परुरुवा और आकाशीय अप्सरा श्रवण की कहानी है की केसे दोनों प्रेम में पड़ते है.

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